Tuesday , October 17 2017
Home / Ghazal / Aankh sooraj pe phaad kar dekho karantikari ghazal
karantikari ghazal

Aankh sooraj pe phaad kar dekho karantikari ghazal

आँख सूरज पे फाड़ कर देखो
हेकड़ी उसकी झाड़ कर देखो ।
 
दौड़ते हैं जो आपके पीछे
उन दुखों को पछाड़ कर देखो ।
 
जीने देंगी न हसरतें तुमको
इनको जिन्दा ही गाड़ कर देखो ।
 
जिसने जीना हराम कर रक्खा
उसका भी सीना फाड़ कर देखो ।
 
कांप उट्ठेगी ढीट नाकामी
एक दिन तो दहाड़ कर देखो ।
 
छुप के रोने से भला क्या हासिल
गम का बाजू उखाड़ कर देखो ।
 
कर सको तो करो फ़तह कोई
कभी झण्डे भी गाड़ कर देखो ।
 
उसकी दौलत मेरी दुआयें हैं
उसकी जेबों को झाड़ कर देखो ।
 
बदनसीबी ने डाले हैं डेरे
इक दफ़ा तो लताड़ कर देखो ।
 
लाख शिकवों से हताशा में है
ज़िन्दगी के भी लाड़ कर देखो ।
 
एक बच्चा है सबके सीने में
कभी उसको बिगाड़ कर देखो ।
 
शक़्ल ‘सागर’ दिखे तभी असली
ये लबादा उघाड़ कर देखो ।
 
वीणा शर्मा ‘सागर’

About Terluncoomy

Check Also

desh bhakti ghazal

dekha nahi kabhi chasma utaarkar desh bhakti ghazal

देखा नही कभी भी चश्मा उतारकर उसने सभी को परखा सिक्का उछालकर ।   अजमा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


© Copyright 2016 All Rights Reserved | Designed by Hindi Shayari SMS