hindi ghazal shayari Tasir mere ishq ki

hindi ghazal shayari Tasir mere ishq ki

तासीर, मेरे इश्क़ की, हुजूर देखिये | गौर से, चेहरे का अपने, नूर देखिये || आईने से, आपको फुर्सत मिले,कभी, तो मेरे इस, खुमार का,सुरूर देखिये || झाँककर,आँखों में मेरी देखिये ज़रा, किस के लिए,आज है,गुरूर देखिये || करता नहीं,तारीफ हूँ,अपने आपकी, पर मुझे, एक बार तो,भरपूर देखिये || दूसरों की,बात पर,करिये नहीं यकीं, "वीरान", क्या चीज़ है,जरूर देखिये || @ -कॉपी राइट- यशवंत "वीरान"Read more …
Hindi Ghazal Abhav bhul gaye

Hindi Ghazal Abhav bhul gaye

अभाव भूल गये, मस्तियाँ याद हैं रेत पर बसाई वो बस्तियां याद हैं गरीबी में भी खूब महका. बचपन माँ बाप की सरपरस्तियाँ याद हैं चोर-सिपाही, गिल्ली-डंडा आहा कागजी नावें औ' कश्तियाँ याद हैं फटे. कपड़ों में स्कूल जाते. सुनी पड़ोसियों की वो फब्तियां याद हैं आज तेरी एक. हैसियत है 'मधु' गुरुओं की सब सख्तियाँ याद हैं इस ग़ज़ल के लेखक है डॉ. मधुसूदन चौबेRead more …